जेवर एयरपोर्ट को मिला नया नाम: ‘नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के प्रस्ताव पर योगी कैबिनेट की मुहर
योगी कैबिनेट की बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी, जेवर एयरपोर्ट के नामकरण के साथ 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का भी फैसला।

उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।
प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर लिया गया निर्णय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कैबिनेट ने उनके योगदान के सम्मान में एयरपोर्ट का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश से विशेष जुड़ाव रहा है और उनके नेतृत्व में राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे।
सेवा और राष्ट्र निर्माण में प्रधानमंत्री के योगदान का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास और विदेश से मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा वापस लाकर स्थापित कराने जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया।
एक्सप्रेसवे, मेट्रो और एयरपोर्ट से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है। एक्सप्रेसवे, हाईवे, मेट्रो और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम जैसी परियोजनाओं से प्रदेश की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
जेवर एयरपोर्ट को भी राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके विस्तार से यात्री परिवहन, माल ढुलाई, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
चार चरणों में विकसित होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना को चार चरणों में विकसित करने की योजना है। पहले चरण में लगभग 11,000 करोड़ रुपये की लागत से 3,300 एकड़ क्षेत्र में टर्मिनल और रनवे जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसकी शुरुआती यात्री क्षमता सालाना करीब 1.2 करोड़ बताई गई है।
सभी चार चरण पूरे होने के बाद एयरपोर्ट को बड़े अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में व्यापार, लॉजिस्टिक्स, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

